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छेड़खानी से बचने के लिए दृष्टिहीन लड़कियों का जुडो कराटे 

दृष्टिहीन बच्चों को जुडो के गुण सिखाती स्मृति सांगलू

 

इलाहाबाद – ईवटीजिंग वैसे तो स्कूल कॉलेज और जॉब पर जाने वाली हर आम लडकी के लिए बड़ी समस्या है लेकिन ऐसी लड़कियां जो दृष्टिहीन है उनके लिए यह समस्या बहुत बड़ी हो जाती है | उनकी लाचारी है की आँख की रोशनी न होने की वजह से वह  न तो डायल 100 में फ़ोन कर पुलिस को इत्तला कर सकती और न ही देखकर उन्हें पहचान सकती है। इलाहाबाद ऐसी ही दिव्यांग दृष्टिहीन लड़कियों  ने इसका रास्ता खोज निकाला है | ये  लड़कियां अपने कॉलेज में ब्लैक बेल्ट हासिल कर चुकी महिला खिलाडियों से जूडो कराटे  के गुर सीख रही है ताकी मनचलों को अपने पञ्च से करारा जवाब दे सके |

इलाहबाद के दृष्टिहीन विद्यालय में कराटे के दाव पेंच आजमा रही यह वह लड़कियां है जो अपनी हिफाज़त के लिए पुलिस या पब्लिक की मदद के लिए हाथ नहीं फैलाना चाहती है | दृष्टिहीन होने की वजह से लाचार इन दिव्यांग लडकियों को आत्म रक्षा के गुर सिखा रही है कराटे में यूपी की चैम्पियन स्मृति सांगलू | स्मृति इन्हें कराटे के वह सभी दांव पेंच बता रही है जिन्हें सीख कर ये मनचलों का जमकर मुकाबला कर सके और उन्हें धुल चटा सके |

इलाहाबाद के दृष्टिहीन विद्यालय में 100 के करीब लड़कियां है और ये सभी लड़कियां अपनी आत्म रक्षा  के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहती थी  | ऐसे में इन लडकियों को सहारा मिला यूपी की जुडो कराटे में ब्लैक बेल्ट खिलाड़ी स्मृति सांगलू का | स्मृति सांगलू ने भी इन लडकियों की जरुरत को समझा और वह इनके कॉलेज में आकर सुबह शाम जुडो और कराटे की निशुल्क ट्रेनिंग दे रही है | इन दिव्यांग लडकियों के अभिभावक और खुद ये लड़कियां स्मृति की इस पहल से जुड़ कर रोज कराटे सीख रही है।

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