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राजधानी में दो अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालक धरे गए ।

श्रीन्यूज़.कॉम।लखनऊ। राजधानी में पिछले चार माह से संचालित अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का कृष्णानगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इसके जरिये लोकल दर पर आइएसडी कॉल कराने का धंधा चल रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर गिरोह के दो सदस्यों को दबोच लिया।एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि मूलरूप से जफर कॉलोनी, तिवारीपुर, गोरखपुर निवासी नूर मोहम्मद और करमाई बुजुर्ग गुल्हरिया, गोरखपुर निवासी मनोज कुमार गुप्ता गिरोह संचालित कर रहे थे, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे विदेश से आने वाली कॉल को इंटरनेट के माध्यम से लोकल कॉल में बदल देते थे। इससे फोन कॉल नेशनल गेटवे के माध्यम से नहीं आती है, जिसके कारण विदेश से आने वाली कॉल की मॉनीटरिंग नहीं की जा सकती। गिरोह ने दो एक्सचेंज लगाए थे। इनमें एक हजरतगंज के तेजकुमार प्लाजा व दूसरा मकबूलगंज कैसरबाग में था। आरोपितों को विदेश भिजवाने का भी धंधा कर रहे थे। उन्होंने तेजकुमार प्लाजा में यूनिक टूर एंड ट्रेवेल्स के नाम से दुकान भी खोल रखी थी।पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया नूर मोहम्मद दो बार सऊदी अरब जा चुका है। वहां रह रहे ऊरवा बाजार गोरखपुर निवासी नसीम ने उसे इस धंधे के बारे में जानकारी दी थी। नूर द्वारा उपलब्ध कराए गए उपकरण का इस्तेमाल करके ही नसीम ने राजधानी में अवैध एक्सचेंज का सेटअप तैयार किया था। इस काम में मनोज उसका सहयोग कर रहा था। दोनों 10वीं फेल हैं।आरोपितों ने एक एप्लीकेशन तैयार की थी, जिससे दो लोग इंटरनेट के जरिये फोन पर बात कर सकते थे। इसके लिए वह गोरखपुर में रिचार्ज वाउचर बनवाते थे। इसके बाद सऊदी जाने वाले लोगों की मदद से नसीम के पास वाउचर पहुंच जाता था। नसीम वहां रह रहे भारतीयों को ये वाउचर तय दर पर उपलब्ध करा देता था। इससे सऊदी में बैठे लोग गिरोह के एप्लीकेशन का प्रयोग कर इंटरनेट कॉलिंग के जरिए फोन करते थे। उक्त कॉल लखनऊ में बनाए गए अवैध एक्सचेंज पर आती थी और सिम बॉक्स के जरिये रिसीवर को ट्रांसफर कर दी जाती थी। अवैध एक्सचेंज से फोन जाने पर काल दर लोकल की ही पड़ती थी, जबकि सऊदी से काल की दर करीब 17 रुपये प्रति मिनट की आती है। लोगों को एप्लीकेशन और वाउचर उपलब्ध कराने के बाद नसीम को जो रुपये मिलते थे, उन्हें वह बैंक खाते अथवा पेटीएम के माध्यम से नूर मोहम्मद को भेजता था। अवैध एक्सचेंज के माध्यम से आ रही अंतरराष्ट्रीय मोबाइल कॉल्स इंटरनेट के जरिये नेशनल गेटवे से न आकर सिम बॉक्स पर आती थी। यह कॉल राउटर से लोकल कॉल में परिवर्तित होकर सीधे रिसीवर के फोन पर पहुंच जाती थी। गेटवे के माध्यम से कॉल नहीं आना देश की सुरक्षा में सेंध लगाने जैसा था। एसएसपी का कहना है कि ऐसे अवैध एक्सचेंज का इस्तेमाल आतंकी संगठन और आर्थिक अपराध करने वाले लोग करते हैं। आरोपितों के साथ किन संगठन के लोग जुड़े थे, इसके बारे में तफ्तीश की जा रही है। आरोपितों के पास से तीन सिम बॉक्स, 113 सिम, 22 पासपोर्ट, एक लैपटॉप, दो मॉडम राउटर, नौ एंटीना, तीन मोबाइल फोन, 50 कॉलिंग मिनट स्लिप और डाटा कनेक्टर पॉवर स्टेशन केबिल बरामद की गई है।

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