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जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही , अपने मरीजों को बचाने के लिए खुद रक्तदाता  अपनी जिंदगी दाव पर लगा कर निकलवाते है ब्लड 

 

इलाहाबाद : इलाहाबाद के सबसे बड़ी सरकारी  स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है , जिले के सबसे बड़ी अस्पताल में ब्लड निकालने की कोई समुचित यवस्था नहीं है | अपने मरीजों को बचाने के लिए खुद अपनी जिंदगी दाव पर लगाकर रक्तदाता ब्लड निकलवाते है | ब्लड निकालने के लिए अस्पताल में कोई यवस्था नहीं है किसी तरह अस्पताल में निडिल की वेवस्था  है तो उसको रोकने के लिए डाक्टरों के पास टेप या रुई की वेवस्था नहीं है और तो और ब्लड निकलते समय डाक्टर  ब्लड का वजन भी नहीं करते चाहे ब्लड ढाई सौ ML की जगह चार सौ ML लोगो का खून निकल जाये |  डाक्टर अगर राम भरोसे ब्लड को निकाल भी लेता है तो रक्तदाता को खिलाने के लिए अस्पताल में  चाय और बिस्किट की वेवस्था भी  नहीं है| अपने मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए स्वम रक्तदाता अपनी जिंदगी दांव पर लगा देता है |  डाक्टर भी बेचारे क्या करे जब नाप तौल की मशीन ही खराब है और रक्तदाता को खिलाने के लिए यूपी सीएएम योगी आदित्य नाथ अस्पताल को बजट ही  नहीं दे रहे है  | ये हम नहीं बल्कि वहां का सीनियर डाक्टर आरोप लगा रहा है |

डॉ धरेंद्र द्विवेदी

मामला  जिले के  सबसे बड़ी सरकारी अस्पताल का है | जिस जिले के तीन तीन मंत्री हो उस जिले की अस्पताल की यह वेवस्था हो तो अन्य जिलों की अस्पतालों की क्या वेवस्था हो गी आप इसी से अंजादा लगा सकते है की स्वास्थ  के लिए बड़े बड़े दावे करने वाली यूपी की  योगी सरकार किस तरह से विफल हो रही है |

यूपी डिप्टी सीएएम केशव प्रसाद मौर्य और स्वास्थ मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह कैबिनेट मंत्री नद गोपाल गुप्ता नदी के गृह जनपद के सरकारी अस्पताल में कोई मरीजों के लिए कोई सुविधा नहीं है तो अन्य जिलों के अस्पताल में मरीजों के  क्या ववस्था होगी | जहां पर मरीजों की जिंदगी बचाने के बदले स्वस्थ आदमी की जिंदगी दांव पर लग जाये इससे शर्मनाक घटना क्या हो सकती है | सरकारी अस्पताल के सीनियर डाक्टर धीरेन्द्र द्विवेदी आरोप लगा रहे है की अस्पताल में ब्लड निकालने की समुचित ववस्था नहीं है रक्तदाता को खिलाने के लिए चाय और बिस्किट की वेवस्था नहीं है अपने पैसे से कब तक चाय और बिस्किट रक्तदाता को खिलाये अभी तक जो खिलाया है वह पैसे  मिला नहीं है | यूपी की सरकार इसके लिए कोई बजट ही नहीं देती इसमें डाक्टर क्या करे |

जिले के सबसे बड़ी अस्पताल के लापरवाही का शिकार हुआ पीड़ित रक्तदाता की जुबानी आप भी सुनोगे तो दंग रह जाएगे किस तरह से दूसरे की जिंदगी बचाने आया युवक अपनी जिंदगी की भीख डाक्टरों से भीख मांग रहा है | डाक्टरों की थोड़ी सी लापरवाही से युवक की जान भी जा सकती थी हलाकि की उसकी जिंदगी सरकारी डाक्टर नहीं बल्कि उसका बड़ा भाई ने बचाया जिसका शुक्र गुजार है युवक | युवक ने डाक्टरों पर आरोप लगाया की जब वह अपने मरीज को ब्लड देने के लिए बेड पर लेटा तो डाक्टरों ने निडिल तो लगाया लेकिन उसको रोकने के लिए टेप नहीं चिपकाया | थोड़ी देर में सुई हाथ से निकल कर जमीन पर गिर पड़ी और युवक का ब्लड जमीन पर गिरने लगा उस समय कोई डाक्टर भी पास में नहीं था | युवक ने किसी तरह अपने बड़े भाई को आवाज लगा कर अपनी जिंदगी बचाई |

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