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हौसलों की बुलंद उडान – उद्देश्य

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से अवार्ड लेते उद्देश्य सिंह

 

इलाहाबाद – बुलन्द हौसलों के सामने कुछ भी नामुन्किन नही है | इस बात को साबित कर दिखाया है यूपी के इलाहाबाद के उस  दिव्यांग छात्र ने जो  न ठीक से चल  सकता है ,न ठीक से बोल पाता है और तो और किसी चीज को ठीक से पकड़ सकता है।  80% मल्टीपल डिसऑर्डर सेरिब्रल पाल्सी से ग्रसित इस दिव्यांग छात्र उद्देश्य सिंह ने अपने बुलंद हौसले के चलते राष्ट्रीय पुरस्कार और बाल श्री सम्मान हासिल किये है | 

इलाहबाद के बालभारती स्कूल में 12 वी क्लास में पढने वाला उद्देश्य सिंह छात्र स्कूल के सभी छात्रों से बिलकुल अलग है | उद्देश्य न ठीक से चल सकता है , न ठीक से बोल पाता है और तो और किसी चीज को ठीक से पकड़  सकता है बावजूद उसके हौसलों की बुलंदी में कोई कमी नहीं आई है | उद्देश्य सिंह का जिस्म और दिमाग  80% मल्टीपल डिसऑर्डर सेरिब्रल पाल्सी से ग्रसित है वह दिव्यांग है लेकिन अपनी इसी कमजोरी को वह अपनी ताकत बनाकर ऐसे मुकाम तक पहुचना चाहता है जहाँ वह प्रशासनिक अधिकारी बनकर दिव्यांगो की मदद कर सके |

इलाहाबाद के जार्ज टॉउन में रहने वाला दिव्यांग उद्देश्य सिंह के पिता डॉ. कुलदीप सिंह जिले के डिप्टी चीफ वेटेरीनरी ऑफिसर हैं जबकि मां हेमलता सिंह पेट शॉप चलाती हैं। 80 फीसद गंभीर रूप से मल्टीपल डिसऑर्डर सेरिब्रल पाल्सी से ग्रसित होने के बावजूद भी उद्देश्य ने अपनी काबिलियत से तमाम अचीवमेंट अपने नाम की है। उद्देश्य ने राष्ट्रपति से राष्ट्रीय पुरस्कार ‘बेस्ट क्रिएटिव चाइल्ड विथ डिसेबिलिटी और यूपी सरकार से राज्य स्तरीय ‘उत्कृष्ट रोल मॉडल’ अवॉर्ड प्राप्त किया। उसने  राष्ट्रीय पुरस्कार ‘बाल श्री’ क्रिएटिव परफॉर्मेंस में दिव्यांग होने के बावजूद भी सामान्य श्रेणी में भारत सरकार से अवॉर्ड प्राप्त किया। जिस पर उसके माँ बाप को बेटे पर गर्व है |

उद्देश्य की पढ़ाई शुरू से ही स्कूल में सामान्य श्रेणी के बच्चों के साथ में हो रही है। वह शुरू से ही पढ़ने में अव्वल रहा है। वह पढ़ने में अच्छा है और पियानो भी बढ़िया बजाता है। इतना ही नहीं वह कविताएं भी लिखता है ।मल्टीपल डिसऑर्डर सेरिब्रल पाल्सी से ग्रसित होने के बावजूद भी उद्देश्य ने हाई स्कूल में 94 सीजीपीए प्राप्त किया था।अपनी विल पावर और बुलंद हौसलों की बदौलत उसने बड़ी से बड़ी चुनौती को भी घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।

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