फोटो खिंचवाना इस्लाम के खिलाफ: दारूल उलूम

[Updated on Sep 11 2013 7:47PM]

देवबंद (एसएनएन): भारत की सबसे बड़ी इस्लामिक संस्था दारूल उलूम (देवबंद) के उस फतवे पर बहस छिड़ गई है जिसमें कहा गया है कि फोटो खींचना और खिंचवाना गैर इस्लामिक है जबकि सऊदी सरकार द्वारा पवित्र शहर मक्का और मदीना में फोटोग्राफी की इजाजत दी जाती है. यहां तक कि रमजान के महीने की तरावीह की नमाज को सीधे प्रसारित किया जाता है.

फोटोग्राफी को गैर इस्लामी बताते हुए दारूल उलूम देवबंद के मोहतमीम (प्रिंसिपल) मुफ्ती अब्दुल कासिम नोमानी कहते हैं कि बिना जरूरत के फोटो खिंचवाना गैर इस्लामी है. वो कहते हैं मुसलमानों को पहचान पत्र या पासपोर्ट बनवाने के अलावा और कहीं अपनी फोटो खींचाने की इजाजत नहीं है. उन्होंने कहा कि 'इस्लाम' अगली पीढ़ियों के लिए यादगार के तौर पर शादियों की वीडियो बनाने या फोटो लेने की इजाजत नहीं देता. 

जब उनसे पूछा गया कि अगर फोटोग्राफी गैर इस्लामी है तो सऊदी (जहां से इस्लाम जन्मा है) में मक्का मदीना की फोटोग्राफी की इजाजत क्यों दी जाती है? इस पर नोमानी ने कहा कि उन्हें ऐसा करने दें. हम इसकी इजाजत नहीं देंगे. वे जो कुछ करते हैं, वो सब सही नहीं है.

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