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उत्तर प्रदेश की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री बेहद गंभीर ।

श्रीन्यूज़.कॉम।लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था को लेकर बेहद गंभीर है।

लखनऊ में कानून-व्यवस्था की सुरक्षा के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश में अवैध रूप से निवास कर रहे विदेशी नागरिकों विशेष तौर पर बांग्लादेशी को प्रदेश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्हें प्रदेश छोडऩे के लिए विवश किया जाए। उन्होंने सर्वे करके प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को बाहर भेजने का निर्देश भी दिया। उनके इस निर्देश को अवैध बांग्लादेशियों व रोहिंग्या मुसलमानों से जोड़कर देखा जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पुलिस और खुफिया विभाग के अफसरों से कहा है कि प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों खासतौर से बांग्लादेशियों को चिह्नित कर उन्हें वापस भेजा जाए। उन्होंने अफसरों से कहा कई वारदात में इनका हाथ है और ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं। उन्होंने प्रदेश में पीएसी की खत्म कर दी गई 73 कंपनियां फिर से गठित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अब एसओ से लेकर एडीजी जोन तक को प्रतिदिन पैदल गश्त कर जनता से संवाद स्थापित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अपराधियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। थानेवार संदिग्ध व्यक्तियों की सूची बनाकर उनकी निरन्तर निगरानी करें। उन्होंने कहा कि दीपावली एवं छठ पूजा में कोई भी अप्रिय घटना घटित हुई तो संबंधित पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने साथ ही कहा कि जिलों के एसएसपी डीएम से परामर्श कर मेरिट के आधार पर थानाध्यक्षों की तैनाती करें और निठल्ले, लापरवाह व संवेदनहीन थाना प्रभारियों को चिह्नित कर बाहर का रास्ता दिखाएं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएसी की 273 कंपनियों में से जनशक्ति के अभाव में खत्म कर दी गई 73 कंपनियों को समयबद्ध ढंग से जल्द से जल्द पुनर्गठित करने का निर्देश भी दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों को बेहतर यातायात की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिलावार ट्रैफिक प्लान बनाकर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि बस्तियों में संचालित पटाखों की दुकानों एवं गोदामों को कतई संचालित न होने दिया जाए। अन्य राज्यों के सीमावर्ती जिलों पर विशेष निगरानी रखकर संदिग्ध व्यक्तियों की अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए सघन जांच अभियान चलाया जाए। जेल में बंद अपराधियों पर भी कड़ी नजर रखी जाए ताकि वह जेल में रहकर किसी भी अप्रिय घटना को अंजाम न देन पाएं।
अफसरों से कहा कि पुलिस को काम करने की खुली छूट दी गई है। अब अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग में सुधार दिखा है, लेकिन अभी परफेक्ट परिणाम नहीं आए हैं। अपराध शून्य होना चाहिए। साथ ही लोगों के प्रति पुलिस का भी व्यवहार अच्छा होना चाहिए। जनता को किसी भी अफसर और एसओ से मिलने में दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि जो भी एसओ या अफसर डिलिवर नहीं कर पा रहे हैं उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। लाख कोशिशों के बाद भी निचले स्तर के पुलिसकर्मियों में सुधार नहीं दिख रहा है। इससे लोगों के बीच सरकार की छवि खराब हो रही है।
साथ ही सूबे के मुखिया ने एसटीएफ अवैध खनन रोकने के भी निर्देश देते हुए कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मथुरा में हुई एक घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि वहां के पुलिस अधीक्षक ने युवती की बात नहीं सुनी और बाद में बड़ी घटना हो गई। ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी शिकायतें मिलें उन पर त्वरित कार्रवाई करें। घटनाएं होनी ही नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री ने एसटीएफ को प्रदेश में अवैध खनन रोकने के लिए टीमें बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।सीएम ने अफसरों से कहा कि दिवाली के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के लिए बेहतर योजना बनाएं। खुले स्थानों पर पटाखों की बिक्री करवाई जाए और वहां फायर ब्रिगेड का पर्याप्त इंतजाम हो। यूपी-100 की 3200 गाडिय़ों को पेट्रोलिंग में लगाया जाए ताकि अपराधियों में पुलिस का भय पैदा हो। सीएम ने इंटैलिजेंस, एटीएस और एसटीएफ के अफसरों से कहा कि राज्यों के सीमावर्ती जिलों की विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने पीएसी की 273 कंपनियों में से विघटित हुई 73 कंपनियों का जल्द पुनः गठन करने की बात कही।

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